

✍️✍️✍️✍️✍️अखंड भारत न्यूज़ जियाउद्दीन अंसारी
माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार सड़क सुरक्षा हेतु कठोर निर्देश जारी
संदर्भ: माननीय उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा रिट पिटिशन क्रमांक 295/2012 (एस. राजशेखरन बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य) में दिनांक 07.10.2025 को पारित आदेश का अनुपालन।
उल्लंघन और नियम
जाँच एवं चेकिंग के दौरान यह संज्ञान में आया है कि कुछ वाहन चालकों और संबंधित दुकानदारों द्वारा सक्षम प्राधिकृत अनुमति के बिना वाहनों में निम्नलिखित उपकरण लगाए जा रहे हैं, जो मोटर व्हीकल अधिनियम, 1988, सी.एम.वी.आर. (CMVR) और सड़क सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन है:
* हाई बीम/हाई मास्क लाइट
* व्हाइट LED डैजलिंग लाइट (चकाचौंध वाली सफेद एलईडी लाइट)
* रेड-ब्लू स्ट्रोब लाइट
* अनधिकृत हूटर एवं सायरन
सभी के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
सभी वाहन स्वामियों एवं दुकानदारों को तत्काल प्रभाव से सूचित किया जाता है कि वे भारतीय RTO एवं सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें:
* लाइट मानक: वाहनों में केवल मानक हैलोजन बल्ब अधिकतम 60 वाट और LED बल्ब अधिकतम 55 वाट क्षमता के ही लगाए जाएं।
* हूटर/सायरन/चेतावनी लाइट: हूटर, सायरन अथवा ऊपर की चेतावनी लाइटें (Warning Lights) केवल शासकीय/प्राधिकृत वाहनों में ही विधिसम्मत अनुमति के पश्चात लगाई जा सकती हैं। आम नागरिक वाहनों में इनका उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है।
कठोर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी
उक्त नियमों का उल्लंघन किए जाने पर, संबंधित वाहन चालक, वाहन स्वामी और अनधिकृत फिटिंग करने वाले दुकानदारों के विरुद्ध:
* मोटर व्हीकल अधिनियम, 1988
* भारतीय न्याय संहिता, 2023
के अंतर्गत कठोर वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
विनम्र अपील
सभी वाहन स्वामियों एवं संबंधित व्यापारियों से यह अपील है कि वे नियमों का कड़ाई से पालन कर सड़क सुरक्षा में अपना सक्रिय सहयोग प्रदान करें। यह पहल संभावित सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।